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Saturday, April 12, 2008

ओ.सी.दी.

अब मैं बताता हूँ .सी.दी. के बारे में यह एक ऐसी परिस्थिति है जिसमे इस रोग से पीड़ित व्यक्ति को किसी भी प्रकार की चीज़ करने के ख़याल आते रहे और वेह वही चीज़ दुहराते जाए। इसका सबसे सरल और आम उधारंद है की पीड़ित व्यक्ति को अपने हात मेले लगें और उन्हें घंटों तक साबुन से धोते जाए जब तक उसके हाथों से खून बहने लगे इसके एक उल्टा उधारंद, जिसकी समस्या मुझे थी, है की मुझे जो भी कचरा पड़ा मिल जाता, उसे अपने खाने में इकठ्ठा करता जाता (जब तक मेरे पिताश्री ने उसे फ़ेंक नही दिया) सफाई हो या कचरा इकठ्ठा करना, यह रोग पीड़ित को इतना परेशान कर देता है की वे कुछ काम करने की हालत में नही रहता इस रोग का प्रकतिकरंद केवल इस रूप में नही होता जो की दिखाई दे यह ऐसे भी हो सकता है की पीड़ित के मस्तिष्क में एक ख़याल, किसी बात को बार बार दुहराने के लिए मजबूर कर दे मेरे साथ ऐसा हुआ था की मैं घंटों भर एक ही गाने की धुन गाता रहता जब तक सुबह से संध्या हो जाती इस प्रक्तिकरंद से इस रोग का पता लगना और भी मुश्किल हो जाता है

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