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Saturday, April 12, 2008

रोगों का परिचय - डिप्रेशन / अवसाद

एक महीना होने को रहा है, और मैंने पोस्ट लिखने शुरू भी नहीं किए! मुझे बहुत बुरा डिप्रेशन हो गया था, जो बहुत दिन चला मुझमे ही कोई आशा, और ही कोई हिम्मत थी दातुन करने की, कई दिनों तक, और नहाना तो मैं भूल ही चुका था बहुत मुश्किल से, और सोरिंग-हाइट्स के बहुत समर्थन द्वारा मैं अपने विश्वविद्यालय के परीक्षा दे पाया, और वे भी अच्छी तरह

यह डिप्रेशन होता क्या है? परन्तु इससे बड़ा प्रश्न यह है की डिप्रेशन और अन्य मानसिक रोग होते क्यों हैं? प्रश्न जितना सरल लगे, उतना है नहीं अपने अपने विश्वास या विषय की विशय्श्यगता के अनुसार, लोगों ने अपने अपने अर्थ दिए हैं मैं हर अर्थ को मानने के लिए तैयार हूँ, दुविधा बस यह है की उस अर्थ की कोई नींव होनी चाहिए, उससे मदद मिलनी चाहिए पीडितों को अपनी ज़िंदगी सरल बनने में। मेरी कोशिश यह है की आपके सामने हर एक अर्थ को हर दृष्टि से रखूं ताकि आप मदद ले उस अर्थ से जो आपको सही लगे

डिप्रेशन एक ऐसा रोग है जिसमे एक पीड़ित व्यक्ति को बहुत उदासी हो जाती हैयह उदासी अधिक दिन तक चलती है, अगर वेह व्यक्ति थोड़ा ठीक महसूस करे और हँसने भी लगे, यह उदासी कुछ समय बाद लौट आती हैऐसी हालत में , यह बहुत मामूली सी बात है की वेह नहाना, दातुन करना, अपने शरीर की स्वच्छता का ध्यान करना बंद कर देउसे ऐसा महसूस हो सकता है की ज़िंदगी का जैसे कोई मकसद नही है, और वेह आत्महत्या की भी करेपरिवार और बाहर की खुशियों का उस पर शायद कोई असर होउसके स्वभाव से भी लगे की वेह बहुत बेमन से जी रहा है, और उसकी बातें परिवार वालों को और मित्रो को बहुत ही गंभीर लगेंउसे शरीर में हर समय दर्द महसूस हो, और उठने-बैठने की हिम्मत होउसे कोई काम करने की भी इच्छा होपरिवार वालों को ऐसा लग सकता है की वेह आलसी हो गया या गयी है और काम नही करना चाहतापरिवार वाले उसे काम करने के लिए कह कह कर परेशान हो जाएंइससे वेह और भी दुखी हो सकता है

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